BHU में फीस वृद्धि पर भड़के छात्र: ABVP ने कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन, कहा- 'महामना के मूल्यों के खिलाफ है यह फैसला'


ABVP Students handing over memorandum to BHU Registrar
फीस वृद्धि के विरोध में BHU के कुलसचिव को ज्ञापन सौंपता ABVP का प्रतिनिधिमंडल


BHU में फीस वृद्धि पर भड़के छात्र: ABVP ने कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन, कहा- 'महामना के मूल्यों के खिलाफ है यह फैसला'

वाराणसी (04 अप्रैल 2026):
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में विभिन्न पाठ्यक्रमों और छात्रावास (Hostel) की फीस में की गई भारी वृद्धि को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है। शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की BHU इकाई ने इस अप्रत्याशित फीस वृद्धि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया。

ABVP के प्रतिनिधिमंडल ने BHU के कुलसचिव (Registrar) से मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और बढ़ी हुई फीस को तत्काल प्रभाव से वापस लेने (Rollback) की मांग की。


💸 कितनी बढ़ाई गई है फीस? (Fee Hike Details)

ABVP द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई प्रमुख कोर्सेज की फीस में कई गुना तक का इजाफा कर दिया है, जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए एक बड़ा झटका है। फीस वृद्धि का विवरण इस प्रकार है:

पाठ्यक्रम / सुविधा (Course/Facility) फीस वृद्धि का विवरण (Fee Hike)
पीएचडी (PhD) ₹1940 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रति वर्ष कर दी गई।
LLB (एलएलबी) ₹1975 से बढ़ाकर ₹6000 प्रति सेमेस्टर कर दी गई।
BA LLB (बीए एलएलबी) वार्षिक फीस ₹60,000 से बढ़ाकर ₹72,000 कर दी गई।
कृषि विज्ञान संस्थान (Agri. Science) फीस में लगभग ₹12,000 तक की वृद्धि
छात्रावास (Hostel Fee) लगभग 50% तक की वृद्धि की गई है।
स्विमिंग पूल शुल्क (Swimming) ₹1150 से बढ़ाकर ₹1650 कर दिया गया।

ABVP BHU Memorandum to Registrar regarding Fee Hike
ABVP काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई द्वारा कुलसचिव को सौंपा गया आधिकारिक ज्ञापन (04 अप्रैल 2026)।



✊ ABVP की 3 प्रमुख मांगें (Major Demands)

इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन और इकाई सहमंत्री विकास कुमार के नेतृत्व में सौंपे गए पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:

  1. फीस वापसी: विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं छात्रावास शुल्क में की गई वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
  2. पारदर्शिता: छात्रों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता (Transparency) और संवेदनशीलता सुनिश्चित की जाए।
  3. सुरक्षा और कार्रवाई: हाल ही में परिसर में समाजवादी छात्र सभा के इकाई अध्यक्ष द्वारा एक छात्र से जाति पूछकर किए गए हमले के दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो, ताकि भयमुक्त अकादमिक वातावरण स्थापित हो सके।
🗣️ 'महामना के उद्देश्य के खिलाफ':
छात्र नेताओं ने याद दिलाया कि महामना पं. मदन मोहन मालवीय जी ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना इसलिए की थी ताकि देश के हर वर्ग, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को किफायती और सुलभ शिक्षा मिल सके। यह शुल्क वृद्धि पूर्णतः छात्र हितों के प्रतिकूल है।


BHU हमेशा से सस्ती और सुलभ शिक्षा का केंद्र रहा है। अचानक हुई इस भारी फीस वृद्धि से छात्रों का भविष्य अधर में है। अब देखना यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या एक्शन लेता है।

हर हर महादेव! 🙏

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