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| IIT (BHU) के ABLT परिसर में आयोजित वार्षिक टेक्नो-फार्मा सम्मेलन 'SPIRIT 26' की एक झलक |
IIT BHU में 'SPIRIT 26' संपन्न: फार्मास्युटिकल इनोवेशन और व्यक्तिगत चिकित्सा पर 300+ छात्रों और विशेषज्ञों का सीधा संवाद
वाराणसी (05 अप्रैल 2026):
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-BHU) के फार्मास्युटिकल इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Pharmaceutical Engineering and Technology) द्वारा आयोजित वार्षिक टेक्नो-फार्मा सम्मेलन 'SPIRIT 26' का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। 3 से 5 अप्रैल 2026 तक ABLT परिसर में चले इस तीन-दिवसीय आयोजन ने छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का एक मजबूत और लोकतांत्रिक मंच तैयार किया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किताबी ज्ञान को आधुनिक फार्मास्युटिकल तकनीक की जमीनी सच्चाई से जोड़ना था, ताकि छात्र केवल डिग्रियां न लें, बल्कि समाज के लिए उपयोगी दवाइयों और तकनीकों के निर्माण में सक्रिय भागीदारी कर सकें।
🔬 जन-स्वास्थ्य और तकनीक: किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
'SPIRIT 26' में कई महत्वपूर्ण वर्कशॉप, विशेषज्ञ वार्ताएं (Expert Talks) और तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। संवाद के मुख्य विषय इस प्रकार रहे:
- व्यक्तिगत चिकित्सा (Personalized Medicine): हर मरीज की शारीरिक जरूरत के हिसाब से दवाइयां तैयार करने की तकनीक, जिससे इलाज ज्यादा सटीक हो सके।
- दवा विकास (Drug Development): नई और सस्ती दवाइयों की खोज और विकास की प्रक्रिया को कैसे तेज किया जाए।
- आधुनिक इनोवेशन और उद्योग संस्कृति: फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आ रहे नए बदलाव और छात्रों को इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली के लिए कैसे तैयार किया जाए।
✊ छात्रों की भागीदारी और नेतृत्व
इस सम्मेलन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह मुख्य रूप से छात्रों द्वारा संचालित था। 300 से अधिक उपस्थितियों के साथ, इस कार्यक्रम ने अंतर-विषयी शिक्षा (Interdisciplinary learning) को बढ़ावा दिया। यह छात्रों को वर्तमान शोध प्रवृत्तियों (Research Trends) में अपनी तकनीकी समझ को बढ़ाने और विशेषज्ञों से सीधे सवाल-जवाब करने का अधिकार देता है।
आयोजन को सफल बनाने में आयोजन सचिव डॉ. रुचि चावला और सह-आयोजन सचिव डॉ. रजनीश तथा डॉ. जी.पी. मोदी के मार्गदर्शन में विभाग के छात्रों ने अहम भूमिका निभाई।
'SPIRIT 26' जैसे आयोजन यह सुनिश्चित करते हैं कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित न रहे, बल्कि नवाचार, सहयोग और आपसी संवाद के जरिए वह एक ऐसा स्वरूप ले, जो भविष्य में आम जनता के स्वास्थ्य सरोकारों को बेहतर कर सके।
हर हर महादेव! 🙏



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