वाराणसी/बर्लिन: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की दृश्य कला परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने जा रही कलाकार और प्रोफेसर उत्तमा दीक्षित की कला प्रदर्शनी ‘The Forest Series’ का आयोजन 2 नवंबर 2026 को जर्मनी की राजधानी बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास के टैगोर सेंटर में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जंगलों, जैव विविधता और आदिवासी पारिस्थितिक विरासत से जुड़े विषयों पर आधारित कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। आयोजन में कला प्रदर्शनी के साथ व्याख्यान और लाइव पेंटिंग सत्र भी प्रस्तावित हैं।
कार्यक्रम का आयोजन द टैगोर सेंटर, भारतीय दूतावास, बर्लिन की ओर से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कला के माध्यम से भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पहलुओं को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत करना है।
क्या है ‘The Forest Series’?
‘The Forest Series’ प्रो. उत्तमा दीक्षित की ऐसी कला-श्रृंखला है, जिसमें जंगलों और प्रकृति को केवल दृश्य सौंदर्य के रूप में नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी, स्थानीय जीवन और सांस्कृतिक स्मृतियों से जुड़े विषय के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार, यह श्रृंखला मध्य भारत के जंगलों, विशेषकर झारखंड और मध्य प्रदेश की जैव विविधता तथा आदिवासी परंपराओं से प्रेरित है।
इस कला-श्रृंखला में प्रकृति और मनुष्य के संबंधों को रंगों, आकृतियों और दृश्य संरचनाओं के माध्यम से समझने का प्रयास किया गया है। जंगलों की विविधता, प्राकृतिक परिवेश और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत इस प्रदर्शनी के प्रमुख विषय हैं। कला के माध्यम से इन विषयों को प्रस्तुत करना पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के साथ मनुष्य के संबंधों पर विचार करने का अवसर भी देता है।
प्रदर्शनी के साथ होगा लाइव पेंटिंग सत्र
बर्लिन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में दर्शकों को केवल कलाकृतियां देखने का अवसर ही नहीं मिलेगा, बल्कि कला-निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझने का मौका भी मिलेगा। कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं:
- कला प्रदर्शनी: ‘The Forest Series’ की चुनिंदा कलाकृतियों का प्रदर्शन।
- विशेष व्याख्यान: कला, पर्यावरण और आदिवासी पारिस्थितिक विरासत से जुड़े विषयों पर प्रो. उत्तमा दीक्षित का वक्तव्य।
- लाइव पेंटिंग प्रदर्शन: दर्शकों के सामने चित्र बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन।
लाइव पेंटिंग सत्र इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण होगा। इसके माध्यम से दर्शक कलाकार की रचनात्मक प्रक्रिया और किसी विचार को कैनवास पर उतारने के तरीके को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे।
BHU की कला परंपरा को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय देश की प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं में शामिल है और इसकी दृश्य कला से जुड़ी शैक्षणिक परंपरा का भारतीय कला जगत में महत्वपूर्ण स्थान है। प्रो. उत्तमा दीक्षित विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय की पूर्व डीन रह चुकी हैं। बर्लिन में उनकी कला-श्रृंखला का प्रदर्शन BHU से जुड़े कला-जगत और भारतीय समकालीन कला के लिए अंतरराष्ट्रीय संवाद का अवसर है।
भारतीय दूतावास के टैगोर सेंटर में आयोजित यह कार्यक्रम कला और संस्कृति के माध्यम से भारत तथा अंतरराष्ट्रीय कला समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। ‘The Forest Series’ के जरिए प्रकृति, स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं और पर्यावरणीय विरासत जैसे विषयों को वैश्विक दर्शकों के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।
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| BHU की प्रो. उत्तमा दीक्षित | बर्लिन में कला प्रदर्शनी | THE FOREST SERIES | 2 NOVEMBER 2026 |
कार्यक्रम की तारीख, समय और स्थान
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कार्यक्रम | Art Exhibition & Live Painting Performance: The Forest Series |
| कलाकार | प्रो. उत्तमा दीक्षित |
| तारीख | सोमवार, 2 नवंबर 2026 |
| समय | शाम 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक |
| प्रवेश शुरू होने का समय | शाम 5:20 बजे |
| स्थान | The Tagore Centre, Embassy of India, Tiergartenstraße 17, 10785 Berlin, Germany |
| प्रवेश शुल्क | निःशुल्क, पूर्व पंजीकरण आवश्यक |
कैसे करें कार्यक्रम के लिए पंजीकरण?
कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क बताया गया है, लेकिन भारतीय दूतावास परिसर में प्रवेश की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पहले से पंजीकरण करना आवश्यक है। इच्छुक दर्शक आयोजन के आधिकारिक पंजीकरण पेज पर जाकर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
कार्यक्रम और टिकट पंजीकरण:
Eventbrite पर ‘The Forest Series’ कार्यक्रम का पंजीकरण पेज देखें
पंजीकरण करने से पहले कार्यक्रम की तारीख, समय, प्रवेश संबंधी शर्तों और उपलब्ध सीटों की जानकारी आधिकारिक पेज पर अवश्य जांच लें।
कला, प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत का संगम
‘The Forest Series’ की खासियत यह है कि इसमें जंगलों और प्राकृतिक परिवेश को कला के माध्यम से देखने का अवसर मिलेगा। झारखंड और मध्य प्रदेश की पारिस्थितिक तथा आदिवासी विरासत से प्रेरित यह प्रस्तुति प्रकृति, संस्कृति और मानवीय अनुभवों के बीच संबंधों पर ध्यान केंद्रित करती है।
2 नवंबर को बर्लिन के टैगोर सेंटर में होने वाला यह आयोजन कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और भारतीय कला-संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए उपयोगी अवसर हो सकता है। BHU से जुड़ी प्रो. उत्तमा दीक्षित की यह प्रस्तुति भारतीय कला को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने के साथ-साथ पारिस्थितिक विरासत पर संवाद का मंच भी प्रदान करेगी।
नोट: कार्यक्रम में शामिल होने से पहले समय, पंजीकरण और प्रवेश संबंधी नवीनतम जानकारी आयोजक के आधिकारिक Eventbrite पेज पर जांच लें।



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