वाराणसी (09 अप्रैल 2026):
रक्तदान को सबसे बड़ा दान कहा जाता है, और इसी 'महादान' के संकल्प के साथ आज काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने एक अनोखी पहल की। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के 56वें स्थापना दिवस के अवसर पर NSUI की BHU इकाई ने एक भव्य रक्तदान शिविर (Blood Donation Camp) का आयोजन किया।
यह कार्यक्रम पूरी तरह से समाज सेवा, एकजुटता और मानवता के प्रति समर्पण की भावना से ओतप्रोत रहा, जिसमें विश्वविद्यालय के सैकड़ों युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
🩸 युवाओं में दिखा भारी उत्साह: सैकड़ों ने कराया पंजीकरण
BHU परिसर स्थित मधुबन वाटिका के समीप आयोजित इस शिविर में सुबह से ही छात्र-छात्राओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। युवाओं ने न केवल उत्साहपूर्वक अपना पंजीकरण (Registration) कराया, बल्कि रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का भी निर्वहन किया।
यह शिविर केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि युवाओं को यह संदेश देने का प्रयास था कि उनके द्वारा दान किया गया रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है। यह NSUI कार्यकर्ताओं की सामाजिक प्रतिबद्धता (Social Commitment) का स्पष्ट प्रतीक था।
👥 पदाधिकारियों ने खुद किया रक्तदान, पेश की मिसाल
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि संगठन के नेताओं ने सिर्फ अपील नहीं की, बल्कि खुद आगे आकर रक्तदान किया। इससे वहां मौजूद अन्य युवाओं को भी भारी प्रेरणा मिली। प्रमुख रूप से रक्तदान करने वाले और आयोजन को सफल बनाने वाले पदाधिकारियों में शामिल थे:
- ✅ ऋषभ पाण्डेय (प्रदेश अध्यक्ष)
- ✅ सुमन आनंद (इकाई अध्यक्ष)
- ✅ रोज मिश्रा (उपाध्यक्ष)
- ✅ राहुल पटोले, ओम त्रिपाठी, और विकास सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी।
BHU के छात्रों द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है। स्थापना दिवस जैसे मौकों पर पार्टीबाजी से ऊपर उठकर 'रक्तदान' जैसे पुनीत कार्य करना यह दर्शाता है कि महामना की बगिया के छात्र आज भी समाज निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
हर हर महादेव! 🙏



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