BHU में बवाल: 'वीबी जी-राम-जी' कानून के विरोध में NSUI का प्रदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित कई छात्र नेता गिरफ्तार

BHU में बवाल: 'वीबी जी-राम-जी' कानून के विरोध में NSUI का प्रदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित कई छात्र नेता गिरफ्तार


वाराणसी (11 जनवरी 2026):


काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) का मुख्य द्वार (Lanka Gate) आज रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर 'वीबी जी-राम-जी' (VB G-Ram-G) करने और नए प्रावधानों को लागू करने के विरोध में एनएसयूआई (NSUI) ने आज विशाल प्रदर्शन किया।

प्रस्तावित मार्च BHU गेट से प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय (Ravindrapuri) तक जाना था, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए मार्च को शुरू होने से पहले ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भारी धक्का-मुक्की हुई।


🔥 क्या है पूरा मामला? (The Controversy)

दरअसल, सरकार ने हाल ही में मनरेगा एक्ट में बदलाव करते हुए इसे 'VB G-Ram-G Act 2025' (वीबी जी-राम-जी योजना) का नाम दिया है। छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि:

  • नया कानून महात्मा गांधी के नाम और सम्मान के खिलाफ है।
  • बजट में कटौती से ग्रामीण मजदूरों का रोजगार छिन जाएगा।
  • यह योजना को कमजोर करने और इसे दिल्ली से नियंत्रित करने की साजिश है।

👮‍♂️ पुलिस की कार्रवाई: घसीटते हुए ले गई पुलिस

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी (Varun Choudhary) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र BHU गेट पर इकट्ठा हुए। जैसे ही छात्र पीएमओ कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया।

प्रमुख घटनाक्रम:

  • छात्रों के जिद करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज जैसा बल प्रयोग किया।
  • वरुण चौधरी और अन्य नेताओं को सड़क पर घसीटते हुए पुलिस वैन में बैठाया गया।
  • हिरासत में लिए गए छात्रों को शहर से दूर बड़ागांव, लंका और रामनगर थानों में भेजा गया है।
⚠️ ताजा स्थिति: फिलहाल हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस कार्रवाई के बाद BHU कैंपस और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

🗣️ छात्रों का क्या कहना है?

प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबा रही है। एक छात्र नेता ने कहा,
"हम शांतिपूर्ण मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने हमें अपराधी की तरह गिरफ्तार किया। 'वीबी जी-राम-जी' के नाम पर मनरेगा को खत्म करने की कोशिश हम सफल नहीं होने देंगे।"



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