BHU में 'जीवन रक्षा' की क्लास: लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल में छात्रों ने सीखा CPR का तरीका | VC ने कहा- "हर हॉस्टल में हो ऐसी ट्रेनिंग"
वाराणसी:
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के लाल बहादुर शास्त्री (LBS) हॉस्टल में छात्रों और विश्वविद्यालय समुदाय के लिए एक विशेष व्याख्यान और कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को 'जीवन रक्षक तकनीकों' (Life-Saving Techniques) के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में एक आम इंसान कैसे किसी की जान बचा सकता है। प्रो. मंजरी मिश्रा (कोऑर्डिनेटर, लाइफ सेविंग स्किल्स कोर्स) ने छात्रों को डेमो देकर CPR (सीपीआर) देने का सही तरीका समझाया।
🗣️ "हर हॉस्टल तक पहुंचे यह ज्ञान": कुलपति
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए
कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने छात्रों से अपील की:
💡 "ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता": IMS डायरेक्टर
चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) के निदेशक प्रो. सत्य नारायण संखवार ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सीखा हुआ ज्ञान कभी बेकार नहीं जाता। उन्होंने अपील की कि सीपीआर और अन्य तकनीकों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए।
वहीं, कला संकाय की प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने जोर देकर कहा कि जीवन रक्षक कौशल पर ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से (Regularly) आयोजित होने चाहिए।
👥 ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण सत्र में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और छात्र मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- प्रो. रंजन कुमार सिंह (छात्र अधिष्ठाता / Dean of Students)
- डॉ. रत्न शंकर मिश्रा (वार्डन, लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल)
- बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक।
BHU की यह पहल सराहनीय है। पढ़ाई के साथ-साथ 'समाज सेवा' और 'जीवन रक्षा' का पाठ पढ़ाना ही महामना के आदर्शों को सच्चा सम्मान है।
हर हर महादेव! 🙏



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