BHU में विज्ञान का 'हिंदी' अवतार: इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए.एस. किरण कुमार ने किया 'अचिंत्य' के AI विशेषांक का लोकार्पण

BHU में विज्ञान का 'हिंदी' अवतार: इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए.एस. किरण कुमार ने किया 'अचिंत्य' के AI विशेषांक का लोकार्पण

AS Kiran Kumar launching Achintya AI Magazine at BHU



वाराणसी (महामना सेमिनार कॉम्प्लेक्स):
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आज की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति है, लेकिन अक्सर इसकी जानकारी अंग्रेजी भाषा तक ही सीमित रह जाती है। इसी दूरी को पाटने के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) की हिंदी प्रकाशन समिति ने एक शानदार पहल की है।

विज्ञान पत्रिका ‘अचिंत्य’ के एआई (AI) विषयक विशेषांक का भव्य लोकार्पण पद्मश्री ए.एस. किरण कुमार (पूर्व अध्यक्ष, इसरो) के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ。



ISRO, AS Kiran Kumar,


🚀 कौन हैं ए.एस. किरण कुमार? (The Space Legend)

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ए.एस. किरण कुमार भारत के अंतरिक्ष मिशनों के एक सच्चे नायक हैं।

  • 🌕 चंद्रयान-1 & मंगलयान: भारत के ऐतिहासिक मून और मार्स मिशन की सफलता में इनकी विकसित की गई 'उन्नत इमेजिंग प्रणालियों' (Advanced Imaging Systems) का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
  • 📡 भास्कर मिशन: 1979 में लॉन्च हुए भारत के शुरुआती उपग्रह 'भास्कर' से लेकर आज तक की उनकी यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा है।

📚 'अचिंत्य' का उद्देश्य: हिंदी में विज्ञान

हिंदी प्रकाशन समिति के समन्वयक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि यह पत्रिका सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक आंदोलन है。

🗣️ प्रो. चौबे का विजन:
"यह विशेषांक आधुनिक तकनीक और भारतीय भाषाओं के बीच एक सेतु (Bridge) का काम करेगा। हमारा उद्देश्य है कि युवा हिंदी में विज्ञान लिखें और 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' जैसी तकनीकों के प्रति जागरूक हों।"

कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति महोदय ने की, जिन्होंने इसे विश्वविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों में एक मील का पत्थर बताया。



जब विज्ञान अपनी भाषा में मिलता है, तो वह दिल तक पहुंचता है। BHU की 'अचिंत्य' पत्रिका इसी दिशा में एक सशक्त कदम है।

हर हर महादेव! 🙏

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