छात्र पूछता है सवाल -अनुज सिंह ,BHU के तत्कालीन माहौल में निर्दोष विद्यार्थियों पर हुए अत्याचार को समर्पित एक छोटी सी कविता



शीर्षक - छात्र पूछता है सवाल -अनुज सिंह 

छात्र पूछता है सवाल
क्यों पड़ी लाठी की मार?
जब नहीं था कसूर मेरा,
कयूं हुई मुझ पर FIR?
अनेक सपनो का लगा दिल में भंडार,
जब BHU में दाखिले पर थी ,खुशियों की बहार।
अब डरते है  मां - बाप ।
अब डरते है  मां - बाप ,पूछते रहते है हाल समाचार ,
क्या कहूं,कैसे कहूं की ,क्यूं पड़ी लाठी की मार ?
छात्र पूछता है सवाल ,
क्यों है मेरा यह हाल ?
छात्र पूछता है सवाल ,
BHU में दाखिले से ,सजोए जो सपने ,
क्या गलत थे मेरे निर्णय ?
छात्र पूछता है सवाल ।।
 
-अनुज सिंह

BHU के तत्कालीन माहौल में निर्दोष विद्यार्थियों पर हुए अत्याचार को समर्पित मेरी एक छोटी सी कविता ।👆🏻

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ