BHU in Paris: काशी से पेरिस तक गूंजा महामना का नाम! प्रो. सुरेश नायर ने फ्रांस में बनाई 'सबसे बड़ी भारतीय पेंटिंग'

BHU in Paris: काशी से पेरिस तक गूंजा महामना का नाम! प्रो. सुरेश नायर ने फ्रांस में बनाई 'सबसे बड़ी भारतीय पेंटिंग'



काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) की कीर्ति अब एफिल टॉवर के शहर 'पेरिस' तक पहुँच गई है। दृश्य कला संकाय (Faculty of Visual Arts) के प्रसिद्ध कलाकार और प्रोफेसर सुरेश के. नायर (Prof. Suresh K. Nair) ने फ्रांस में एक ऐसा भित्ति चित्र (Mural) तैयार किया है, जिसे 'पेरिस में स्थापित अब तक की सबसे बड़ी भारतीय पेंटिंग' माना जा रहा है।

यह पहल भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह प्रोजेक्ट भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित था।


 क्या है इस पेंटिंग में खास? (Masterpiece Details)

प्रो. नायर ने यह म्यूरल (दीवार पर बनी पेंटिंग) पेरिस स्थित भारतीय दूतावास के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र (SVCC) में बनाया है। इसकी भव्यता का अंदाजा आप इन आंकड़ों से लगा सकते हैं:

  •  विशाल आकार: यह पेंटिंग 10.5 फीट ऊंची और 33.8 फीट चौड़ी है। प्रो. नायर के अनुसार, यह पेरिस में अब तक की सबसे बड़ी भारतीय पेंटिंग है।
  •  गोल्डन टच: इसे पारंपरिक सजावटी शैली (Traditional Decorative Style) में बनाया गया है, जिसमें सोने (Gold Accents) का उपयोग किया गया है जो इसे एक शाही और दिव्य लुक देता है।
  •  भारतीय संस्कृति का संगम: इस पेंटिंग में भारत की विविधता दिखती है। इसमें कथकली, मणिपुरी नृत्य, कथक, थेय्यम, भरतनाट्यम और छाया कठपुतली (Shadow Puppetry) जैसी कलाओं को उकेरा गया है।

 10 दिन की मेहनत और अंतर्राष्ट्रीय सराहना

इस विशाल कलाकृति को पूरा करने में प्रो. नायर को 10 दिन का समय लगा। उनकी इस मेहनत की सराहना खुद फ्रांस में भारत के राजदूत महामहिम संजीव सिंगला और ICCR की महानिदेशक सुश्री के. नंदिनी सिंगला ने की है।

वहाँ मौजूद कला प्रेमियों और अधिकारियों ने इसे भारत की 'सॉफ्ट पावर' का बेहतरीन उदाहरण बताया।

गर्व का क्षण: महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने जिस बगिया को सींचा था, आज उसके फूल (प्रोफेसर) पूरी दुनिया में अपनी खुशबू बिखेर रहे हैं। बीएचयू परिवार के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है।


कला की कोई भाषा नहीं होती, वह दिलों को जोड़ती है। प्रो. सुरेश के. नायर ने अपनी कूची (Brush) से भारत और फ्रांस की दोस्ती में एक नया रंग भर दिया है।

हर हर महादेव! 🙏



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