"आजादी का अमृत महोत्सव" को समर्पित "एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम" के अंतर्गत KV BHU में "जीत की जीद" 50x50 फिट (2,500 वर्गफीट ) विराट रंगोली विद्यालय में बनाया है

जीत की  ज़िद एक प्रयास है और साथ ही  ज़िद है  कुछ नया करने की। ये छोटी-छोटी ज़िद ही बडी जीत को अंजाम देते हैं। इसी को साकार किया   केंद्रीय विद्यालय का. ही. वि. वि. परिसर, वाराणसी ने । विद्यालय के  प्रांगण में डिजाइन इनोवेशन सेंटर, व्यवहारीक कला विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी,अकत्व आर्ट फाउंडेशन, नई दिल्ली एवं विकास ड्राइंग इंपोरियम, वाराणसी के सहयोग से विद्यालय के कला शिक्षक चित्रकार कौशलेश कुमार के निर्देशन में दिनांक 02/10/ 2021 "अंतर्राष्ट्रीय अंहिसा दिवस" के पावन दिन, भारतीय स्वतंत्रता के गौरवशाली 75 वर्ष  के उपलक्ष्य में आयोजित "आजादी का अमृत महोत्सव" को समर्पित "एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम" के अंतर्गत  "जीत की जीद"  50x50 फिट (2,500 वर्गफीट  )  विराट रंगोली विद्यालय में बनाया है l  जिसके द्वारा वीर सपूतों को नमन किया गया l इस विराट रंगोली कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय बी एच यू  वाराणसी के *75 नवोदित कलाकार* अपनी कलात्मक उड़ान को रंगोली पर *महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव, महामना मदन मोहन मालवीय एवं लौह पुरुष सरदार* *वल्लभभाई पटेल* के साथ देश भक्ति  थीम एवं अनेक नारो  को रंगोली  के रंगों के माध्यम से रचना की।
इस जिद्दी टीम ने स्वतंत्रता के अमर नायकों के व्यक्तित्व के साथ न्याय करते हुए नयी कलात्मकता को  आकार दिया। आजादी के अमर नायकों की शौर्य गाथा को आपके रंग देकर और अधिक रंगीन बनाया।
 02/10/2021 को चित्रकार कौशलेश कुमार के नेतृत्व में  दृश्य कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी ,  कला एवं  शिल्प महाविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ,  ललित कला संकाय एवं डॉ. विभूति नारायण सिंह  परिसर, गंगापुर,  महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ,कला एवं शिल्प महाविद्यालय,

 पटना विश्वविद्यालय,पटना  , राजकीय कला महाविद्यालय, चंडीगढ़  ,राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर से संबंध रखने वाले 20 कलाकारों के निर्देशन में केन्द्रीय विद्यालय बीएचयू के 75 नवोदित  छात्र-कलाकारों के द्वारा आजादी के अमर नायकों पर केन्द्रित 2500 स्क्वायर फीट का  विशाल रंगोली बनाया गया।
 यह कार्यक्रम निश्चित ही केवल बनारस ही नहीं पूरे देश कला के दुनिया में एक अपने तरह का नया प्रयोग है। विद्यालयों में कला शिक्षा की दयनीयता किसी से छीपी हुई  नहीं हैं। इस दयनीय स्तिथि के लिए जितना समाज दोषी है उससे कम कला शिक्षक भी नहीं है। कौशलेश ने बच्चों के बीच कलात्मक उर्जा का जो बीज डालने का प्रयास किया है, वह निश्चित ही एक विशाल वृक्ष का रुप धारण करेगा। 
इस कार्यक्रम से केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ दिवाकर सिंह के कलात्मक अभिरुचि भी दृष्टिगोचर होती है।  बहुत कम प्रशासक होते हैं जो अपने भीतर काम कर रहे कर्मचारियों के सपनों को उड़ान प्रदान करते हैं। पतंग की डोर जितने सूझबूझ भरे व्यक्ति के हाथ में होती है पतंग उतनी  ही आसमान को चूमती है। उन्होंने इस प्रयास की सराहना की और कहा कि  ऐसे प्रयोग जारी रहने चाहिए।
 कार्यक्रम का प्रोमो बनाने और उसे जारी करने में सुधीर सिंह ने काफी पसीना बहाया है। सुधीर सिंह जितने अच्छे कलाकार हैं उतना ही डिजिटली दुनिया में भी माहिर हैं। उन्होंने  जीत की जिद का शानदार और जानदार प्रोमो बनाया है। पूरी टीम को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई।  
केन्द्रीय विद्यालय संगठन वाराणसी के उपायुक्त श्री डी मणिवन्नन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समाज का सहयोग आवश्यक है। समाज को आगे आकर विद्यालयों में सहयोग  करना चाहिए।
वयक्ति के सर्वांगीण विकास में पाठ्य सहगामी क्रियाओं का बहुत योगदान है और कला मनुष्य की भावनाओं को पंख देने का कार्य करती हैं। इस तरह के कार्यक्रम और आयोजित किए जाने चाहिए।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति श्री विजय कुमार शुक्ला ने इस वृहद प्रयास की सराहना करते हुए विद्यार्थीयों को शिक्षण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। देश के लिए एक सजग नागरिक बनने का आह्वाहन किया।
कार्यक्रम में सलोनी वाधवा, निदेशक, अकत्व आर्ट फाउन्डेशन, नई दिल्ली, डॉक्टर मनीष अरोड़ा, प्रमुख,डिजाइन इन्नोवेशन सेंटर,  दृश्य कला संकाय, बीएचयू,  महात्मा गांधी  ग्लोबल शांति पुरस्कार से नवाजे गए डॉक्टर जगदीश पिल्लई, डॉ सुनील कुमार विश्वकर्मा , प्रमुख, दृश्य कला संकाय ,महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, प्रोफेसर विजय नाथ मिश्रा न्यूरोलॉजी विभाग आई एम एस बीएचयू,  श्री सी बी के सिंह प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वाराणसी,  श्री एस प्रणाम सिंह चित्रकला विभाग दृश्य कला संकाय बीएचयू वाराणसी ने उपस्थित होकर बच्चों के उत्साह को बढ़ाया। 

विद्यालय की उप प्राचार्य  श्रीमती विनीता सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।  इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री वीके राय,  अश्वनी कुमार,  संदीप कुमार सिंह, सुशील कुमार  जितेंद्र  यादव, प्रीति शर्मा,  विनोद त्रिपाठी, मनोज कुमार सिंह,  संतोष कुमार पटेल इत्यादि मौजूद रहे l


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ